NCERT Class 7 Hindi
Class 7 Hindi: Malhar chapter-wise practice
Malhar mixes stories, poems, essays and a few older texts. Practice covers the meaning of key lines, the writer's message, vocabulary and the grammar points that come up in each पाठ, all in Hindi.
- 10 chapters
- 423 practice questions
Malhar (मल्हार)
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Chapter 1 माँ, कह एक कहानी
मैथिलीशरण गुप्त की संवादात्मक कविता में राहुल अपनी माँ यशोधरा से पिता सिद्धार्थ की करुणा और न्याय वाली हंस-कथा सुनता है। कविता बच्चे को बताती है कि सच्चा न्याय निर्दोष की रक्षा और दया के साथ खड़ा होता है।
Topics: माँ-बेटे का संवाद, उपवन और घायल हंस, करुणा और हठ, न्याय और निर्णय, काव्य-रचना, भाषा-अभ्यास
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Chapter 2 तीन बुद्धिमान
इस लोककथा में तीन निर्धन भाई पिता की सीख से पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का धन कमाते हैं। ऊँट और कच्चे अनार के प्रसंगों से वे दिखाते हैं कि ध्यान से देखना, सुनना और तर्क करना किसी भी सोने-चाँदी से कम नहीं।
Topics: पिता की सीख, यात्रा और ऊँट के संकेत, शंका और न्याय, पेटी और अनार की परीक्षा, अवलोकन से निष्कर्ष, लोककथा और भाषा-कौशल
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Chapter 3 फूल और काँटा
हरिऔध की कविता फूल और काँटे के माध्यम से बताती है कि समान परिस्थितियों में पलने पर भी स्वभाव और कर्म अलग हो सकते हैं। सच्चा बड़प्पन कुल या रूप से नहीं, गुणों और व्यवहार से पहचाना जाता है।
Topics: समान प्रकृति, अलग स्वभाव, फूल का व्यवहार, काँटे का व्यवहार, बड़प्पन और कर्म, प्रतीक और जीवन-संबंध, काव्य-भाषा और अभ्यास
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Chapter 4 पानी रे पानी
अनुपम मिश्र का लेख जल-चक्र की किताबी समझ को हमारे घर, शहर और गाँव की पानी-समस्या से जोड़ता है। धरती की गुल्लक, तालाब, झील और वर्षा-जल संग्रहण के माध्यम से पाठ बताता है कि पानी बचाना जीवन बचाना है।
Topics: जल-चक्र की समझ, दैनिक जल-संकट, अकाल और बाढ़, धरती की गुल्लक और भूजल, जल-संरक्षण और वर्षा-जल, भाषा, उपसर्ग और सृजन
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Chapter 5 नहीं होना बीमार
स्वयं प्रकाश की हास्यपूर्ण कहानी में एक बच्चा स्कूल से बचने के लिए बीमारी का बहाना बनाता है, पर पूरा दिन भूख, ऊब और पछतावे में बीतता है। कहानी बच्चों की कल्पना, झूठ के परिणाम, परिवार की देखभाल और रोचक भाषा को जीवंत ढंग से दिखाती है।
Topics: अस्पताल का पहला अनुभव, बहाना और उसके कारण, नानाजी-नानीजी की देखभाल, ऊब, भूख और पछतावा, हास्य और सीख, कहानी की भाषा और गतिविधियाँ
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Chapter 6 गिरिधर कविराय की कुंडलियाँ
गिरिधर कविराय की दोनों कुंडलियाँ बच्चों को सोच-विचारकर काम करने और बीती बातों से सीखकर आगे बढ़ने की सीख देती हैं। पाठ में कुंडलिया-रचना, काल-सूचक शब्द और जीवन में सावधानी की बात भी आती है।
Topics: सोच-विचार की सीख, बीती बात और आगे की सुधि, कुंडलिया की बनावट, शब्दार्थ और काल-सूचक शब्द, आज के जीवन में सावधानी, उपहास और आत्मचिंतन
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Chapter 7 वर्षा-बहार
मुकुटधर पाण्डेय की कविता वर्षा ऋतु को आनंद, ताजगी और जीवन की शोभा के रूप में दिखाती है। इसमें बादल, बिजली, ठंडी हवा, जलचर, पपीहा, मोर, गुलाब, हंस और किसान मिलकर वर्षा का उत्सव बनाते हैं।
Topics: वर्षा का दृश्य, जीव-जंतु और किसान, वर्षा पर निर्भरता, कविता का सौंदर्य, ऋतुएँ और अनुभव, रचना और संवाद
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Chapter 8 बिरजू महाराज से साक्षात्कार
इस साक्षात्कार में बिरजू महाराज अपने संघर्षमय बचपन, कथक-तालीम, गुरु-शिष्य परंपरा, लय-संगीत, कला में बदलाव और बच्चों की रुचियों को सँवारने की बात बताते हैं। पाठ भारतीय नृत्य-परंपरा और साक्षात्कार-विधा दोनों से परिचित कराता है।
Topics: संघर्ष और माँ का सहयोग, कथक तालीम और गुरु-शिष्य संबंध, लय, संगीत और साधना, परंपरा, घराने और बदलाव, शास्त्रीय और लोक नृत्य, रुचि, शिक्षा और आत्मनिर्भरता, साक्षात्कार और भाषा
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Chapter 9 चिड़िया
आरसी प्रसाद सिंह की कविता चिड़िया के माध्यम से प्रेम, मिल-जुलकर रहने, श्रम, संतोष, स्वतंत्रता और मानवता का संदेश देती है। पाठ पक्षियों, पर्यावरण, क्रिया-शब्द, बहुअर्थी शब्द और प्रवासी पक्षियों की रोचक जानकारी से भी जोड़ता है।
Topics: चिड़िया का संदेश, मिल-जुलकर जीवन, स्वच्छंदता और बंधन, पर्यावरण और पक्षी-संरक्षण, भाषा और कविता, प्रवासी पक्षी और विस्तार
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Chapter 10 मीरा के पद
मीरा के दो पदों में श्रीकृष्ण के रूप, भक्त-प्रेम और सावन की उमंग का सुंदर चित्र है। पाठ भक्ति-काव्य, ब्रज/राजस्थानी रंग वाले शब्द, अनुप्रास, मुहावरे, मधुर ध्वनियाँ और प्रस्तुति-गतिविधियों से जुड़ता है।
Topics: मीरा और कृष्ण-भक्ति, श्रीकृष्ण का रूप-वर्णन, सावन और मिलन-उमंग, पद की भाषा और रचना, मुहावरे और भाव-विस्तार, संगीत, वाद्य और प्रस्तुति
Where does the study time go?
Middle school days are long. Six subjects, projects, the commute and often tuition in the evening. Children spend plenty of hours on studies but get very little quiet time to study on their own, and a gap in one chapter quietly carries over into the next.
Tuition is fine, and plenty of children need it. But a tutor with eight or ten children in one batch cannot sit with each of them, and cannot always keep track of what the school did that week. Sometimes the tuition follows its own order of chapters, the child ends up juggling two plans for the same subject, and the confusion shows up in the next test.
NoTuition.in gives that small window some shape: the chapter your child is doing in school, a short activity, practice that explains every mistake, and a clear view for you of what needs work.
Practise Class 7 Hindi the way the book teaches it
The free plan opens one full chapter in every subject, so you can see how your child gets on before you pay anything.