NCERT Class 7 Sanskrit
Class 7 Sanskrit: Deepakam chapter-wise practice
Deepakam starts Sanskrit gently with conversations, shlokas and simple stories. Practice covers word meanings, word forms and short reading passages, with explanations in simple Hindi.
- 15 chapters
- 630 practice questions
Deepakam (दीपकम्)
-
Chapter 1 वन्दे भारतमातरम्
इस पाठ में वन्दे मातरम्, भारतमाता के प्राकृतिक-तीर्थ रूप और राष्ट्रध्वज के रंगों का अर्थ समझाया गया है। बच्चा देश-भाव के साथ विभक्ति, प्रश्ननिर्माण और क्रियापदों का अभ्यास करता है।
Topics: वन्दे मातरम् का प्रसंग, भारतमाता का प्राकृतिक रूप, तीर्थक्षेत्र और प्राचीन नाम, राष्ट्रध्वज के रंग, धर्मचक्र और कर्तव्यपथ, भाषा-अभ्यास
-
Chapter 2 नित्यं पिबामः सुभाषितरसम्
यह पाठ सुभाषितों के माध्यम से अच्छे वस्त्र, स्वास्थ्य, मधुर वाणी, विद्या, विनय, सत्य, परिश्रम और परोपकार जैसे मूल्यों को समझाता है। इसमें तृतीया-विभक्ति और पर्यायपदों का अभ्यास भी है।
Topics: सुभाषित का अर्थ और लाभ, पञ्च वकार और षड् दोष, शुद्धि और भारतवर्ष, अभ्यास, अध्ययन और बुद्धि, प्रियवाणी, उद्यम और परोपकार, तृतीया-विभक्ति और पर्याय
-
Chapter 3 मित्राय नमः
यह पाठ उद्यान के संवाद से सूर्यनमस्कार, उसके द्वादश मन्त्र, स्वास्थ्य-लाभ और चतुर्थी-विभक्ति को जोड़ता है। विद्यार्थी नमः और दानार्थ क्रियाओं के साथ चतुर्थी का प्रयोग सीखता है।
Topics: उद्यान-संवाद और योग, सूर्यनमस्कार के द्वादश मन्त्र, सूर्यनमस्कार के लाभ, नमः के साथ चतुर्थी, दानार्थे चतुर्थी, दा-धातु और योग-विस्तार
-
Chapter 4 न लभ्यते चेत् आम्लं द्राक्षाफलम्
यह पाठ शृगाल और द्राक्षाफल की प्रसिद्ध कथा को संस्कृत गीत के रूप में पढ़ाता है। बच्चा कथा-क्रम, शब्दार्थ, आत्मनेपदी लट्-लकार और असफलता पर सोचने की सही रीति सीखता है।
Topics: चित्रसंवाद और कथा-प्रवेश, शृगाल का वन-गमन, द्राक्षाफल और असफल प्रयास, शब्दार्थ और दिशाएँ, आत्मनेपदी लट्-लकार, नीति, श्लोक और गतिविधि
-
Chapter 5 सेवा हि परमो धर्मः
यह पाठ नागार्जुन और दो युवकों की कथा से दिखाता है कि विद्या और पद के साथ सेवा, करुणा और मानवीय गुण आवश्यक हैं। भाषा-अभ्यास में क्तवतु-प्रत्यय और ‘स्म’ से भूतकाल का प्रयोग आता है।
Topics: मानवीय गुणों की आवश्यकता, नागार्जुन और सहायक की खोज, दो युवकों का आचरण, सेवा का निर्णय और चिकित्सा-धर्म, क्तवतु-प्रत्यय, स्म-प्रयोग, स्वास्थ्य और परियोजना
-
Chapter 6 क्रीडाम वयं श्लोकान्त्याक्षरीम्
वर्षा के दिन बालिकाएँ श्लोकान्त्याक्षरी खेलती हैं और विद्या, समय, सज्जनता तथा विद्याधन से जुड़े सुभाषित समझती हैं।
Topics: अन्त्याक्षरी-क्रीडाया नियमाः, विद्याहीनस्य अशोभा, धीमतां समयसदुपयोगः, खल-साधु-विपरीतभावः, विद्यायाः फलानि, शनैः साधनम्, विद्याधनं सर्वधनप्रधानम्
-
Chapter 7 ईशावास्यम् इदं सर्वम्
प्रह्लाद की कथा से पाठ ईश्वर की सर्वव्यापकता, अहंकार के परिणाम, भक्ति, तृतीया-विभक्ति और लृट्-लकार का अभ्यास कराता है।
Topics: ईश्वरः सर्वत्र अस्ति, हिरण्यकशिपोः अहङ्कारः, प्रह्लादस्य भक्ति, होलिकाप्रसङ्गः, नृसिंहावतारः, तृतीया-विभक्तिः, लृट्-लकारः भविष्यत्कालः
-
Chapter 8 हितं मनोहारि च दुर्लभं वचः
यह पाठ दस सूक्तियों के माध्यम से पृथ्वी-मातृत्व, समय-साधना, परिश्रम, गुण, स्वाभिमान, आचरण और हित-मधुर वाणी की शिक्षा देता है।
Topics: सूक्तिः और जीवनमूल्यम्, माता भूमिः और रत्नदृष्टान्तः, शरीरं धर्मसाधनम्, क्षणशः साधना और विद्यार्थी, सुखार्थी, गुण और आदर, स्वाभिमान, क्रिया और शील, हितं मनोहारि वचः और मकारलेखनम्
-
Chapter 9 अन्नाद् भवन्ति भूतानि
माता-पुत्री संवाद से पाठ ब्रह्म से आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी, ओषधि, अन्न और जीवों तक सृष्टिक्रम समझाता है।
Topics: भारतीयज्ञानपरम्परा और संस्कृतम्, पुत्र्याः जिज्ञासा, सृष्टिक्रमः, ओषधि-अन्न-भूतानि, उपनिषद् और आधुनिकविज्ञानम्, पञ्चमी-विभक्तिः और कुतः-प्रश्नः
-
Chapter 10 दशमः कः?
संस्कृत-ओलम्पियाड के स्थानों और नदी पार करने वाले दस बालकों की कथा से पाठ आत्मगणना, पूरणशब्द और संख्याशब्द सिखाता है।
Topics: ओलम्पियाड्-स्थानानि, दश बालकाः नदीं तीर्त्वा, आत्मानं न अगणयत्, पथिकस्य समाधानम्, पूरणशब्दाः, संख्याशब्दाः और क्रम-अभ्यासः
-
Chapter 11 द्वीपेषु रम्यः द्वीपोऽण्डमानः
अध्यापिका और विद्यार्थियों के संवाद से अण्डमान-द्वीपसमूह का इतिहास, प्रकृति, जनजातियाँ, आजीविका और शैक्षिक-भ्रमण के स्थान समझ में आते हैं। पाठ विशेषण-विशेष्य, सर्वनामविशेषण और द्वीपसमूह जैसे पद-विग्रह का अभ्यास भी कराता है।
Topics: अण्डमान-परिचय और नाम-इतिहास, सेल्युलर कारागार और स्वातन्त्र्यस्मृति, जनजातयः और आजीविका, भ्रमणस्थानानि और समुद्र-गतिविधयः, अण्डमानप्रशस्तिः और शब्दार्थ, विशेषण, सर्वनाम और पद-विग्रह
-
Chapter 12 वीराङ्गना पन्नाधाया
यह पाठ पन्नाधाया के अकल्पनीय त्याग से राष्ट्रहित, कर्तव्यनिष्ठा और मेवाड़ के इतिहास को समझाता है। साथ ही लङ्-लकार, सन्धि और वर्तमानकाल-परिवर्तन का अभ्यास कराता है।
Topics: वीरभूमि और पन्नाधाया, मेवाड़ का राजवंश-प्रसंग, बनवीरस्य कुतन्त्रं, चन्दन-बलिदान और राष्ट्रहित, उदयसिंह और महाराणाप्रतापः, लङ्-लकार, सन्धि और कालपरिवर्तन
-
Chapter 13 वर्णमात्रा-परिचयः
यह अतिरिक्त अध्ययन स्वर-मात्रा, व्यञ्जन की अर्धमात्रा, पक्षी-ध्वनियों और शब्दों की मात्रा-गणना सिखाता है। पाठ से सही उच्चारण, छन्द और ॐ/अवग्रह जैसे चिह्नों की समझ बनती है।
Topics: स्वराणां त्रिविधा मात्रा, प्लुतस्वरस्य प्रयोगः, व्यञ्जनम् अर्धमात्रिकम्, प्रकृति-ध्वनयः, मात्रा-गणना-क्रीडा, मात्राणां महत्त्वम् और विशेषचिह्ने
-
Chapter 14 शब्दरूपाणि
यह परिशिष्ट अजन्त शब्दों और सर्वनामों के रूपों को लिङ्ग, विभक्ति और वचन के अनुसार व्यवस्थित करता है। देव, राम, कवि, गुरु, लता, नदी, फल, तद्, एतद्, किम्, अस्मद् और युष्मद् जैसे रूप अभ्यास का आधार हैं।
Topics: अजन्त और अकारान्त पुंलिङ्ग, इकारान्त-उकारान्त-ऋकारान्त पुंलिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग शब्दरूपाणि, नपुंसकलिङ्ग अकारान्त शब्दाः, तद्, एतद्, किम् सर्वनाम, अस्मद् और युष्मद् सर्वनाम
-
Chapter 15 धातुरूपाणि
यह परिशिष्ट धातु, तिङ्-प्रत्यय और लकारों की रूप-सारिणियाँ देता है। लट्, लृट्, लङ्, लोट्, विधिलिङ् और सन्धि के सामान्य परिचय से क्रियापदों और शब्द-संयोगों की समझ बनती है।
Topics: धातु, तिङ् और लकार, लट्-लकारः वर्तमानकालः, आत्मनेपद और विशेषधातवः, लृट्-लकारः भविष्यत्कालः, लङ्, लोट् और विधिलिङ्, सन्धीनां सामान्यः परिचयः
Where does the study time go?
Middle school days are long. Six subjects, projects, the commute and often tuition in the evening. Children spend plenty of hours on studies but get very little quiet time to study on their own, and a gap in one chapter quietly carries over into the next.
Tuition is fine, and plenty of children need it. But a tutor with eight or ten children in one batch cannot sit with each of them, and cannot always keep track of what the school did that week. Sometimes the tuition follows its own order of chapters, the child ends up juggling two plans for the same subject, and the confusion shows up in the next test.
NoTuition.in gives that small window some shape: the chapter your child is doing in school, a short activity, practice that explains every mistake, and a clear view for you of what needs work.
Practise Class 7 Sanskrit the way the book teaches it
The free plan opens one full chapter in every subject, so you can see how your child gets on before you pay anything.