NCERT Class 10 Sanskrit
Class 10 Sanskrit: Shemushi chapter-wise practice
By now Sanskrit papers mix reading comprehension, grammar and translation. Every chapter has questions on the passage, the key word forms and the grammar points it teaches.
- 10 chapters
- 478 practice questions
Shemushi Part 2 (शेमुषी)
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Chapter 1 शुचिपर्यावरणम्
हरिदत्तशर्मणः कविता महानगर-प्रदूषणस्य क्लेशं दर्शयित्वा स्वच्छ-प्रकृतौ जीवनरसस्य आवश्यकता बोधयति। पाठे शुद्धीकरणम्, प्रकृतिसंरक्षणम्, शब्दार्थाः, सन्धिः, समासः च अभ्यास्यन्ते।
Topics: मङ्गलम् और पाठभूमिका, महानगर-प्रदूषणम्, प्रकृतिरेव शरणम्, वनदेशस्य सौन्दर्यम्, संरक्षण-सन्देशः, शब्दार्थ-पर्याय-विलोम, सन्धि, समास, प्रश्ननिर्माणम्
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Chapter 2 बुद्धिर्बलवती सदा
शुकसप्तति-कथायां बुद्धिमती नाम महिला धैर्येण, धृष्टतया और प्रत्युत्पन्नमत्या व्याघ्रभयात् स्वपुत्रौ च आत्मानं रक्षति। पाठः सिखाता है कि संकटे शारीरिकबलात् बुद्धिः अधिका बलवती भवति।
Topics: कथा-भूमिका और पात्र, प्रथम व्याघ्र-सामना, जम्बुक-व्याघ्र संवाद, प्रत्युत्पन्नमति और दूसरा उपाय, नीतिश्लोक और भाव, शब्दार्थ और धातुरूप, सन्धि, समास, क्रम और प्रश्ननिर्माण
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Chapter 3 शिशुलालनम्
कुन्दमाला-नाटकांशे रामः अनभिज्ञातौ पुत्रौ कुशलवौ दृष्ट्वा वात्सल्येन आकृष्टः भवति। पाठः शिशुस्नेह, विनय, संवादकौशल, श्लोकार्थ तथा विभक्ति-सन्धि-अभ्यासं बोधयति।
Topics: नाट्यभूमिका और प्रवेश, राम-कुशलव मिलन, शिशुवात्सल्यश्लोकः, वंश, नाम और गुरु, जननी और निरनुक्रोशः, रामायणगान और काव्यमहिमा, विभक्ति, पर्याय, सन्धि और कथनकर्ता
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Chapter 4 जननी तुल्यवत्सला
महाभारत-वनपर्वात् गृहीता कथा सुरभेः मातृवात्सल्यं दर्शयति। सहस्रेषु अपत्येषु सत्स्वपि दुर्बले पुत्रे मातुः कृपा अधिका भवति, एषः पाठस्य मानवीयः संदेशः।
Topics: महाभारतभूमिका, कृषक और दुर्बलवृषभ, सुरभेः करुणा, इन्द्र-सुरभि संवाद, समाधान और वर्षा, मातृमहत्त्व और मूल्य, शब्दार्थ, सर्वनाम, विशेषण और सन्धि
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Chapter 5 सुभाषितानि
दश सुभाषितानि परिश्रम, गुणज्ञता, क्रोधनियन्त्रण, बुद्धेः वैशिष्ट्य, सख्य, उपादेयता और महतां समता जैसे सार्वभौमिक सत्यों को संक्षिप्त पद्यरूपेण सिखाते हैं।
Topics: सुभाषित-स्वरूप और पाठविषय, आलस्य और उद्यम, गुणज्ञता और समानशीलता, क्रोध और अकारणद्वेष, बुद्धेः वैशिष्ट्यम्, उपादेयता और महतामेकरूपता, अन्वय, सन्धि, समास और विलोम
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Chapter 6 सौहार्दं प्रकृतेः शोभा
पशु-पक्षियों के संवाद से पाठ बताता है कि आत्मश्लाघा और पदलिप्सा कलह बढ़ाती हैं। प्रकृतिमाता का संदेश है कि प्रत्येक प्राणी का यथासमय महत्त्व है और सहयोग से ही प्रकृति की शोभा बनती है।
Topics: पाठभूमि और सौहार्द-संदेश, सिंह-वानर प्रसंग, काक, पिक और गज के दावे, बक, मयूर, व्याघ्र और उलूक विवाद, प्रकृतिमाता और अन्योन्याश्रय, सूक्तियाँ और मूल्य-विस्तार, शब्दार्थ, वाच्य और समास
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Chapter 7 विचित्रः साक्षी
यह कथा न्यायाधीश बंकिमचन्द्र की बुद्धि-युक्ति पर आधारित है। प्रमाण के अभाव में भी वे नकली शव को साक्षी बनाकर असली चोर आरक्षी का अपराध प्रकट करा देते हैं।
Topics: कथा-भूमिका और न्याययुक्ति, निर्धन पिता और यात्रा, चोरी और मिथ्यारोप, न्यायालय में प्रमाणाभाव, शव-साक्षी और युक्ति, नीतिवचन और मतिवैभव, शब्दार्थ और व्याकरण
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Chapter 8 सूक्तयः
तिरुक्कुरल् से गृहीत सूक्तियाँ विद्याधन, सरलता, मधुर वाणी, विवेक, साहस, परहित और सदाचार की शिक्षा देती हैं। पाठ श्लोक-अन्वय, शब्दार्थ, विलोम, समानार्थक और समास-अभ्यास को भी जोड़ता है।
Topics: तिरुक्कुरल् परिचय, विद्याधन और कृतज्ञता, अवक्रता और मधुर वाणी, विद्वान्, विवेक और तत्त्वार्थ, वाक्पटु मन्त्री और धैर्य, परहित, श्रेयः और सदाचार, अन्वय, शब्दार्थ और विलोम, समास और भाव-विस्तार
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Chapter 9 भूकम्पविभीषिका
पाठ प्राकृतिक आपदाओं में भूकम्प की भयावहता, 2001 के कच्छ-भूकम्प, भूकम्प के वैज्ञानिक कारणों, सावधानियों और प्राचीन मतों को जोड़ता है। इसका संदेश है, आपत्ति में घबराहट छोड़कर साहस, विवेक और संतुलित प्रकृति-दृष्टि अपनाएँ।
Topics: प्राकृतिक आपदाएँ और पाठ-संदेश, कच्छ-भूकम्प का वर्णन, मानवीय पीड़ा और राहत, भूकम्प के वैज्ञानिक कारण, ज्वालामुखी और लावारस, सावधानी और पञ्चतत्त्व-संतुलन, भूकम्प-परिचय, तरंग और सुनामी, प्राचीन मत और व्याकरण
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Chapter 10 अन्योक्तयः
अन्योक्ति में कवि किसी पशु, पक्षी, बादल, सरोवर या माली को संबोधित कर अप्रत्यक्ष रूप से गुण की प्रशंसा या दोष की निन्दा करता है। इस पाठ की सात अन्योक्तियाँ राजहंस, मालाकार, सरोवर, चातक और जलद के माध्यम से उपकार, स्वाभिमान, संगति-विवेक और दानशीलता सिखाती हैं।
Topics: अन्योक्ति की प्रकृति, राजहंस और सरोवर, मालाकार और तरु-पुष्टि, सरोवर, मीन और चातक, जलद और सच्ची दानशीलता, अन्वय और शब्दार्थ, व्याकरण और भाव-विस्तार
Where does the study time go?
In Classes 9 and 10 many children leave home early and come back late after school and coaching. Self-study gets pushed into the last hour of the night, when they are too tired to think clearly. What helps most is knowing exactly which topics deserve that hour.
Tuition is fine, and plenty of children need it. But a tutor with eight or ten children in one batch cannot sit with each of them, and cannot always keep track of what the school did that week. Sometimes the tuition follows its own order of chapters, the child ends up juggling two plans for the same subject, and the confusion shows up in the next test.
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